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दैत्य राजा बलि रूपी गांधी परिवार का घमंड चूर: वाड्रा का भूमि हड़प अभियान बंद

दैत्य राजा बलि रूपी गांधी परिवार का घमंड चूर:

राजा बलि रूपी गांधी परिवार का घमंड चूर करने हेतु भा ज पा (भारतीय जनता पार्टी) ने मई  २०१६ में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वामन रूपी अवतार लिया और सोनिया गांधी का घमंड चूर चूर कर दिया। अब  उनके दामाद श्री रोबर्ट वाड्रा हरियाणा, राजस्थान के किसानों को भूमि हीन करने का दुःसाहस नहीं कर सकेंगे।

अब राजस्थान जैसे ही हरियाणा और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस का सफाया होने वाला है।  जैसे अशोक गहलोत को कहीं मुंह छिपाने की जगह नहीं मिल रही है वाही हाल हुड्डा का होने वाला है।

बलि का अहंकार चूर करने को लिया वामन अवतार

वामन अवतार भगवान विष्णु का पाचवा अवतार है । भगवान की लीला अनंत है और उसी में से एक वामन अवतार है । इसके विषय में श्रीमद्भगवदपुराण में एक कथा है । वामन अवतार कथानुसार देव और दैत्योंके युद्ध में दैत्य पराजित होने लगते हैं । पराजित दैत्य मृत एवं आहतों को लेकर अस्ताचल चले जाते हैं और दूसरी ओर दैत्यराज बलि इंद्र के वज्र से मृत हो जाते हैं तब दैत्यगुरु शुक्राचार्य अपनी मृत संजीवनी विद्या से बलि और दूसरे दैत्य को भी जीवित एवं स्वस्थ कर देते हैं । राजा बलि के लिए शुक्राचार्यजी एक यज्ञ का आयोजन करते हैं तथ अग्नि से दिव्य रथ, बाण, अभेद्य कवच पाते हैं इससे असुरों की शक्ति में वृद्धि हो जाती है और असुर सेना अमरावती पर आक्रमण करने लगती है ।               

इंद्र को राजा बलि की इच्छा का ज्ञान होता है कि राजा बलि इस सौ यज्ञ पूरे करने के बाद स्वर्ग को प्राप्त करने में सक्षम हो जाएंगे, तब इंद्र भगवान विष्णु की शरण में जाते हैं । भगवान विष्णु उनकी सहायता करने का आश्वासन देते हैं और भगवान विष्णु वामन रुप में माता अदिति के गर्भ से उत्पन्न होने का वचन देते हैं । दैत्यराज बलि द्वारा देवों के पराभव के बाद कश्यपजी के कहने से माता अदिति पयोव्रत का अनुष्ठान करती हैं जो पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है । तब भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन माता अदिति के गर्भ से प्रकट हो अवतार लेते हैं तथा ब्रह्मचारी ब्राह्मण का रूप धारण करते हैं ।              

महर्षि कश्यप ऋषियों के साथ उनका उपनयन संस्कार करते हैं वामन बटुक को महर्षि पुलह ने यज्ञोपवीत, अगस्त्य ने मृगचर्म, मरीचि ने पलाश दण्ड, आंगिरस ने वस्त्र, सूर्य ने छत्र, भृगु ने खड़ाऊं, गुरु देव जनेऊ तथा कमण्डलु, अदिति ने कोपीन, सरस्वती ने रुद्राक्ष माला तथा कुबेर ने भिक्षा पात्र प्रदान किए । तत्पश्चात भगवान वामन पिता से आज्ञा लेकर बलि के पास जाते हैं । उस समय राजा बलि नर्मदा के उत्तर-तट पर अंतिम यज्ञ कर रहे होते हैं ।        

वामन अवतारी श्रीहरि, राजा बलि के ��हां भिक्षा मांगने पहुंच जाते हैं । ब्राह्मण बने श्रीविष्णु भिक्षा में तीन पग भूमि मांगते हैं । राजा बलि दैत्यगुरु शुक्राचार्य के मना करने पर भी अपने वचन पर अडिग रहते हुए, श्रीविष्णु को तीन पग भूमि दान में देने का वचन कर देते हैं । वामन रुप में भगवान एक पग में स्वर्गादि उर्ध्व लोकों को ओर दूसरे पग में पृथ्वी को नाप लेते हैं । अब तीसरा पीजी रखने को कोई स्थान नहीं रह जाता है । बलि के सामने संकट उत्पन्न हो गया । ऎसे मे राजा बलि यदि अपना वचन नहीं निभाए तो अधर्म होगा । इसिलिए बलि अपना सिर भगवान के आगे कर देता है और कहता है तीसरा पग आप मेरे सिर पर रख दीजिए । वामन भगवान ने ठीक वैसा ही करते हैं और बलि को पटल लोक में रहने का आदेश करते हैं । बलि सहर्ष भवदाज्ञा को शिरोधार्य करता है ।        

बलि के द्वारा वचनपालन करने पर, भगवान श्रीविष्णु अत्यन्त प्रसन्न होते हैं और दैत्यराज बलि को वर् मांगने को कहते हैं । इसके बदले में बलि रात-दिन भगवान को अपने सामने रहने का वचन मांग लेता है, श्रीविष्णु को अपना वचन का पालन करते हुए, पातललोक में राजा बलि का द्वारपाल बनना स्वीकार करते हैं ।.............contd

"डी एल ऍफ़ -वाड्रा भ्रस्ट तंत्र " हिंदी में लिखी मेरी आगामी पुस्तक  में डी एल ऍफ़ के चेयरमैन के पी सिंह  और राजीव गांधी की मित्रता से लेकर डी एल ऍफ़ -वाड्रा घोटाले तक के विाराणत्मक तथ्य हैं। भ्रस्ट लेन देन को बही खातों में विधि सम्मत पारदर्शी बनाने की कला की चर्चा है। के पी सिंह और रोबर्ट वाड्रा राजनीतिक सरन्छन् में लखपति से अरबपति कैसे बने यही इस पुस्तक की विषय वस्तु है।  Email: premendraagrawal@gmail.com

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सुपर स्टार रजनी कांत के कल्याणसुंदरम बनाम विधि सम्मत डकैत डी एल ऍफ़ वाड्रा

सुपर स्टार रजनी कांत के कल्याणसुंदरम बनाम विधि सम्मत डकैत डी एल ऍफ़ वाड्रा

क्या वाड्रा द्वारा कानून की आँखों में धूल झोंक कर किसानों की जमीन को धोखा दे कर कौडियों की कीमत में खरीद कर दस बीस सौ गुना कीमत में बेचना अफसोसनाक और बेहद शर्मनाक तथा भारत के प्रजातान्त्रिक रूप पर काली श्याही फेंकना नहीं है?

जादूगर मैजिशियंस अपनी जादूगिरी दिखाते समय पॉकेटमारी के कौशल का परिचय देते हैं। मनोरंजन स्वरुप वे जादूगर पॉकेट मरते हैं और फिर लौटा देते हैं। क्या डी एल ऍफ़ चेयरमैन सिंह और सोनिया जी के दामाद श्री अर्थात राहुल बाबा के बहनोई  रोबर्ट वाड्रा इसी प्रकार के गरीब किसान हैं जो  डाकू खडग सिंह जैसे साधु के वेश में घोड़े को चुराया था परन्तु बाद में पश्चाताप कर घोड़े को बाबा भर्ती को वापिस कर दिए थे?  क्या वाड्रा रॉबिनहुड हैं जो डकैती के धन को गरीबों में ितरित कर देंगे ? क्या सुपर स्टार रजनीकांत द्वारा अडॉप्टेड अपनाये गए पिता तुल्य सुंदरम जिन्होंने अपनी सम्पूर्ण ३० वर्षों का वेतन और अमेरिकल गवर्नमेंट से अवार्ड में मिले ३० करोड़ का वितरण जरूरतमंद गरिबोने में किया था का अनुकरण करने वाले हैं? 

घबराइये नहीं, डी एल ऍफ़ वाड्रा किसानों की जमीन हड़प कर इकठ्ठा की हुई अपार धन राशि को न ही विदेश ले जा रहे हैं और न ही स्विस बैंक में जमा करने जाने वाले हैं। वे जालसाजी से इकठ्ठा की गई इस धन दौलत को हिंदुस्तान की जनता को ही उसी प्रकार लौटा देंगे जिस प्रकार अविवाहित कल्याणसुंदरम ने अपनी ३० वर्षों में जमा की गई धन राशि को गरीबों में बाँट दिया और तदुपरांत सुपर स्टार रजनी कांत ने उन्हें पिता के रूप में अपना कर अपने साथ रख लिया। 

घबराइये नहीं, यद्यपि वाड्रा की माताश्री स्कॉटिश ओरिजिन हैं ,कांग्रेस के माईबाप गांधी अभी भी इतालियन नागरिकता रखे हुए हैं और बेधड़क बिना सम्बंधित सरकार को सूचित किये विदेश प्रवेश गुपचुप करते हैं। अब वी वी आई पी वाड्रा गुप्त रूप से विदेश जाते हैं और दुबई में आलिशान बांग्ला भी खरीद चुके हैं। ये ही तो हैं जो स्वयं और इनके बाप दादा स्वतंत्रता के बाद से जनसेवक का ड्रामा करते आ रहे हैं।

अविवाहित कल्याणसुंदरम  ३० वर्षों तक लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत रहे। वह अपनी तनख्वाह को गरीबों को दान कर दिए।  वह होटल में पार्ट टाइम कार्य कर अपनी दैनिक आवश्यकता की पूर्ति करते। इतना ही नहीं अपनी पेंशन के दस लाख रूपये भी दान कर दिए। वे विश्व में प्रथम व्यक्ति हैं जिन्होंने सामजिक कार्य हेतु अपनी सम्पूर्ण आय को दान किये। अमेरिकन गवर्नमेंट ने उनके इस परोपकार के लिए उन्हें 'मन ऑफ़ थे मिलेनियम ' एवार्ड प्रदान कर ३० करोड़ की धन राशि भी उपलब्ध कराइ।  इस धन राशि को भी कल्याणसुंदरम  ने हमेशा की तरह जरूरतमंद गरीबों में वितरित कर दी।

असाधारण परोपकारी व्यक्तित्व के धनि अविवाहित कल्याणसुंदरम को सुपर स्टार रजनीकांत ने अपने पिता के समान मानते हुए अपने साथ हमेशा के लिए रख लिया।

क्या आप सुपर स्टार रजनीकांत के पिता तुल्य बन चुके असाधारण व्यतित्व के धनि  त्यागी अविवाहित कल्याणसुंदरम की तुलना धोनी नकली गांधी परिवार से कर सकते हैं? 


"डी एल ऍफ़ -वाड्रा भ्रस्ट तंत्र " हिंदी में लिखी मेरी अक्टूबर ०१, २०१४ को प्रकाशित होने वाली पुस्तक में डी एल ऍफ़ के चेयरमैन के पी सिंह  और राजीव गांधी की मित्रता से लेकर डी एल ऍफ़ -वाड्रा घोटाले तक के विाराणत्मक तथ्य हैं। भ्रस्ट लेन देन को बही खातों में विधि सम्मत पारदर्शी बनाने की कला की चर्चा है। के पी सिंह और रोबर्ट वाड्रा राजनीतिक सरन्छन् में लखपति से अरबपति कैसे बने यही इस पुस्तक की विषय वस्तु है। यह आर्टिकल उसी पुस्तक का अंश है। Email: premendraagrawal@gmail.com