Quoting Great Men to favour Stone Pelting and Cow Slaughtering? Neither Sawarkar Nor Atal God: Who Said When What Why?

lokshakti 13 aprail 2017_Page_1

Quoting Great Men, To favour Stone Pelting, Cow Slaughtering, Sawarkar God, Atal God, Yogi, Modi, Prabhu Dutt Brahmchari, Tilak, Dr Rajendra Prasad, Gandhi, Pt Nehru, Hindu accidently, Jaya Bachchan, Yashwant Sinha, Pawar,  EVM, Moiky

lokshakti 13 aprail 2017_Page_2 lokshakti 13 aprail 2017_Page_3 lokshakti 13 aprail 2017_Page_4 lokshakti 13 aprail 2017_Page_5 lokshakti 13 aprail 2017_Page_6 lokshakti 13 aprail 2017_Page_7 lokshakti 13 aprail 2017_Page_8

Lokmanya Tilak: By Suresh Kumar Agrawal

Lokmanya, Tilak, Suresh Kumar Agrawal, Rastriya Ekta Book, Hindi Book

Rashtriya Ekta : Cover Pages

Anukram : Contents

*

96

लोकमान्य तिलक

-सुरेष कुमार अग्रवाल, रायपुर

उपाध्यक्ष- लायन्स क्लब फेन्डस,रायपुर

गांधी जी के षब्दों में -‘‘लोकमान्य तिलक अनमोल हैं‘‘ स्वदेषी भावना के साक्षात स्वरूप, और ‘‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है की सिंह गर्जना करने वाले तिलक ही थे।

उनके एक वकील मित्र ने पूछा था-गर्वनर की सभा में जाते समय आप अंगरखा और पगड़ी पहन कर जायेंगे या सूट पहन कर? लोकमान्य तिलक का उत्तर था- अंग्रेज हमारे देष में आये हैं यहां की जलवायु के अनुसार उन्हें अपने वेश में परिवर्तन करना चाहिए, ना कि मुझे। मैं पनी पोषाक क्यों बदलूं।

सादगी के पुजारी तिलक का संस्मरण उन्ही के षब्दों में- ‘‘जब केसरी के लिए प्रेस खरीदा गया तो उसके टाईप के केस स्वयं मुझे अपने कंधे पर ढ़ोने पड़े…..मैं जिस बिस्तर पर सोता था, उसी को लपेटकर सामने रख लेता और उसी पर रख कर लिखता। वही हमारी मेज थी।

स्वतंत्रता के बाद आज तक कांग्रेस तुश्टीकरण की नीति पर चल रही है उसी कांग्रेस के लिये स्वतंत्रता के 1पूर्व के कांग्रेस नेता तिलक के सम्बंध में स्व. बी.बी.खेर का लिखा एक संस्मरण है- 1893 में पूना बम्बई और दूसरे स्थानों पर भीशण हिन्दू मुस्लिम दंगे हुए। तिलक ने इस संबंध में सरकारी नीति का विरोध करने के लिए पूना में सभा ली। जस्टिस गोविन्द रानडे और उनके षिश्य गोपाल कृश्ण गोखले ने इसका विरोध किया, क्योंकि उन्हें भय था कि एैसा करने से मुसलमान और अंग्रेज सरकार दोनों चिढ़ जायेंगे, पर तिलक कहां मानने वाले थे। उन्होंने रानड़े और गोखले दोनों अपने पत्र ‘‘केसरी‘‘ में खूब खबर ली।‘‘

70-75 वर्श पूर्व महाराश्ट्र में गणेषोत्सव का पर्व तिलक ने ही आपस मे मेलजोल बढ़ाने के उद्देष्य से प्रारंभ किया था।

-0-

स्टार टी.वी. और सी.एन.एन. के माध्यम अतंर्राश्ट्रीय टी.वी. का बढ़ता स्वरूप हमारी राश्ट्रीय एकता के लिए खतरा बन गया है। इसमें सर्वाधिक आपत्तिजनक कार्यक्रम पाकिस्तानी टी.वी. का होता है।                                                                                                                – एक समाचार

—————————————————————————————————————————-