Demonetisation to CBI’s arrest Chit Fundaas: BJP ka Note bandi ka magic har Upchunav mein chala: Pre poll Surves mein bhi dikha

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बीजेपी का नोट बंदी का मैजिक हर उप चुनाव में चला: प्री पोल सर्वों में भी दिखा बीजेपी का यू पी में बहुमत

बीजेपी का नोट बंदी का मैजिक हर उप चुनाव में चला: प्री पोल सर्वों में भी दिखा बीजेपी का यू पी में बहुमत

अभी भी देश में नोट बैन का मुद्दा गरमाया हुआ है. विपक्षी पार्टियां विशेष कर कांग्रेस और तृणमूल हर दिन धरना प्रदर्शन कर रही हैं. तृणमूल की युवा वाहिनी तो नक्सलवाद के पद चिन्हों पर कूद फ़ान करते हुए केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के घर में घुश कर उनके कलकत्ता स्थित घर को तहस नहस किया , उस समय उनके वृद्ध माता पिता वहीँ पर घर के अंदर थे।

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इसके पूर्व आसनसोल में उनकी कार को भी छतिग्रस्त किया था

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वेस्ट बंगाल के बीजेपी हेड क्वार्टर को ही नहीं बल्कि अनेक कार्यालयों को जल दिया गया है। ममता बनर्जी के मंत्री कहते हैं न्यूज़ चैनल पर कि शांति है सभी जगह , स्कूल खुले हुए हैं ओफ़फिसेस खुले हुए हैं सड़कों पर वहां दौड़ रहे हैं !

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विपक्ष भूल रहा है नोट बंदी के बाद जिंतने भी उपचुनाव हुए हैं उनके नतीजे बीजेपी के पक्ष में आये थे। नोट बैन के 10 दिन बाद विभिन्न राज्यों में संसदीय व विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव हुए थे जिनमें से चार लोकसभा के थे. भाजपा ने उस उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था. न केवल उसने दो लोकसभा और दो विधानसभा सीटें जीतीं, बल्कि त्रिपुरा जैसे राज्य में कांग्रेस को पछाड़ते हुए भारी मत प्राप्त किए ठेर।

कश्मीरी पंडित*शब्द सुना है?
ऐसे ही अतिशीघ्र*बंगाली हिन्दू*शब्द सुनोगे
जिहादी नार्चिस्ट्स’ ममता की टी एम् सी पर अंकुश नहीं लगा तो.

बीजेपी के लिए फिर आई खुशखबरी, स्थानीय निकाय चुनावों में बंपर जीत

नोटबंदी के बाद मध्य प्रदेश में तीन स्थानीय निकायों के चुनावों की हो रही मतगणना में बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। मांडव नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर बीजेपी की मालती गांवर ने जीत हासिल की है। यहां से बीजेपी के 12 पार्षद भी जीते हैं। वहीं अमरकंटक का नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव बीजेपी की प्रभा पनारिया ने जीता है। यहां से 11 पार्षद भी बीजेपी के जीते हैं। हरदा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी के सुरेन्द्र जैन 13000 वोट से जीते हैं। यहां 35 पार्षदों में 30 बीजेपी के, 4 कांग्रेस के और 1 निर्दलीय की जीत हुई है।

अब मध्य प्रदेश से बीजेपी के लिए आई खुशखबरी, स्थानीय निकाय चुनावों में बंपर जीत

बीजेपी विजयी हुई कम्युनिस्टों के शासन वाले केरल में भी

बीजेपी ने थेवाली और कोल्लम कारपोरेशन (निगम ) को भी अपना कब्ज़ा कर लिया है।

चंडीगढ़, , महाराष्ट्र और गुजरात में भी मिली थी जीत

नोटबंदी के महाराष्ट्र, गुजरात और चंडीगढ़ के स्थानीय चुनावों में भी बीजेपी का ही परचम लहराया था। चंडीगढ़ के नगर निगम चुनाव में बीजेपी को 26 में से 21 वार्डों पर जीत दर्ज की। 27 नवंबर को गुजरात में भी स्थानीय निकायों के उपचुनाव हुए थे। यहां बीजेपी ने 126 में से 109 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस को सिर्फ 17 सीटें मिलीं। पहले यहां बीजेपी के पास 64 सीटें थीं और कांग्रेस के पास 52 सीटें थीं। महाराष्ट्र में भी बीजेपी ने अच्छी खासी बढ़त हासिल की थी।

इसके पूर्व हुए लोक सभा और विधान सभा के उपचुनाओं में भी बीजेपी ने विजय का परचम फहराया था : मध्य प्रदेश में करीब 13 साल से राज कर रही बीजेपी को उपचुनाव में 8 फीसद अधिक मत मिले. वामपंथी शासन त्रिपुरा में भाजपा को अप्रत्याशित समर्थन मिला. बीजेपी ने कांग्रेस के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई. इ त्रिपुरा में जहां कांग्रेस के मत में 41 फीसद की गिरावट आई वहीं, भाजपा का वोट 43 फीसद बढ़ा. त्रिपुरा में भाजपा दूसरे स्थान पर रही, वहीं अरूणाचल प्रदेश में भाजपा ने एक विस सीट भी जीत ली..

नोटबंदी को बीजेपी को प्रधान मंत्री मोदी को जनता का समर्थन

8 नवंबर की रात ठीक 8 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नाम अपने सम्बोधन में देश में प्रचलित सभी 500 व1000 रूपये के नोटों के प्रचलन पे उसी रात 12.00 बजे से प्रतिबंद लगाने की औचक घोषणा कर दी ।अचानक से हुए इस घोषणा ने कुछ समय के लिए लोगों को सकते में डाल दिया । और लोग परेशान हो उठे । पर धीरे-धीरे लोगों को सारा खेल, सारा माजरा समझ में आने लगा । और फिर गरीब लोग जिनके पास बस गिने-चुने ही 500 व 1000 के नोट थे वे बैंक जाकर अपना नोट बदलवा लाये । उसी प्रकार मध्यमवर्गीय परिवारों ने भी बैंकों के जरिये अपने पास रखे 500 व 1000 के नोटों को या तो नये नोटों से बदलवा लिया या फिर अपने खाते में जमा करा लिया । इस तरह से थोड़ी मुश्किलों का सामना कर देश के आम जन ने पैसों से जुड़ी परेशानी को दूर कर लिया । कुछेक भले ही अब भी लाइनों में खड़े हैं । पर देश के आम आदमी कहे जाने वाले गरीब व मध्यमवर्ग ने लाख परेशानीयों के बाद भी नोटबंदी के प्रति अपना खुला समर्थन जाहिर किया । हर सर्वे, हर साक्षातकार में लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति अपनी आस्था जताते हुए पूर्ण समर्थन देने की बात कही है । लोग खुलकर कह रहे हैं कि वे मोदी को 50 दिन के वजाय 100 दिन भी देने को तैयार हैं ।

प्रधानमंत्री तथा नोटबंदी के समर्थन की बात को लोगों ने नरेन्द्र मोदी एप पर अपना मत देकर पहले ही जाहिर कर दिया । पर कालेधन की फसल काटने वाले कुछ नेताओं ने इस सर्वे को झूठला दिया । पर जनता भी इसबार कहां मानने वाली थी । वह चुपचाप सब देख-सुन रही थी । आम जनता हर सम्भव अपना मत नेताओं को बताने में जुटी हुई थी । पर कालेधन की आंच में तपनेवाले नेताओं ने जनता के मत को दरकिनार कर संसद में हंगामा करना आरंभ कर दिया । और इस हंगामें के कारण लगातार संसद का शीतकालीन सत्र बर्बादी की भेंट चढ़ता रहा । जिसके फलस्वरूप जनता के खुन-पसीने की गाढ़ी कमाई का करोड़ो रूपया रोज बर्बाद हो रहा है । साथ ही सभी जरूरी व जनकल्याणकारी कामकाज ठप पड़े हैं सो अलग ।

इस तरह अपने स्वर्थ की खातिर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे नेताओं को जनता ने 28 नवंबर सोमवार को विपक्षद्वारा बुलाये गये भारतबंद को असफल बनाकर अपना जवाब दे दिया । इतना ही नहीं बल्कि नोटबंदी के फैसले के बाद देश में हुए उपचुनावों और निकाय चुनावों में भी जनता ने विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब दिया है ।
हाल ही में हुए चुनाव नतीजों पे अगर जरा सा गौर करें तो पता चलता है कि नोटबंदी के फैसले के बाद देश में जहां-जहां चुनाव हुए हैं वहां बीजेपी का प्रदर्शन पहले की तुलना में अधिक सशक्त हुआ है। हालांकि यह चुनाव बहुत ही स्‍थानीय स्तर के थे लेकिन फिर भी इन चुनावों में बीजेपी की जीत ने यह संकेत दे दिया है कि नोटबंदी का फैसला बीजेपी के खिलाफ ना होकर उसके हक में है। और नोटबंदी को जनता का समर्थन हासिल है।

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